तीन-दिवसीय सब-हिमालयन सजोबा रैली शुरू, सुपर स्पेक्टेटर स्टेज विशेष आकर्षण

सब-हिमालयन सजोबा रैली शुरूवाहनों की चैकिंग के बाद हुआ मोटर स्किल्स का प्रदर्शन

चंडीगढ़, 13 अप्रैल, 2018:

सेंट जॉन्स हाई स्कूलचंडीगढ़ के पूर्व छात्रों द्वारा 1980 में स्थापितसेंट जॉन्स ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (सजोबा) द्वारा भारत में मोटर स्पोर्ट्स की दो प्रमुख अथॉरिटीज- एमएआई एवं एफएमएससीआई के सहयोग से, 31वीं एनुअल सब-हिमालयन सजोबा कृष्णा इसुजु रैली का 13 से 15 अप्रैल, 2018 तक आयोजन किया गया है। तीन-दिवसीय मैगा ईवेंट की शुक्रवार को शुरुआत हुईजिसके तहत सेक्टर 34 के एग्जीबिशन ग्राउंड पर सुपर स्पेक्टेटर स्टेज (एसएसएस) द्वारा वाहनों की स्क्रूटिनी की गयी।

पहले दिनरेतीले ट्रैक पर रोमांच और उत्साह से भरे वातावरण मेंएक्सपर्ट राइडर्स एवं ड्राइवर्स ने अपनी मोटरिंग स्किल्स का प्रदर्शन किया। खचाखच भरे मैदान में ट्राइसिटी के खेल प्रेमियों के बीच इस ईवेंट को लेकर भारी उत्साह देखा गया। करीब 39 फोर-व्हीलर्स एवं 19 बाइक राइडर्स ने एक्सट्रीम कैटेगरी के इस स्पोर्ट में दर्शकों की सांसें थाम दीं। ट्रैक पर मॉडिफाइड वाहनों पर साहसपूर्णऔर मनोरम नजारे पेश किये गये। सुपर स्पेक्टेटर स्टेज पर रैली के लिए वाहनों की वर्दीनेस जांची गयी और उनकी जांच की गयी।

एसपीएस घईरैली के सीओसी (क्लर्क ऑफ कोर्स) ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘आज हमने वाहनों का परीक्षण किया और बाइक सवारों व मोटर चालकों की मोटर स्किल्स का प्रदर्शन देखा। सब-हिमालयन सजोबा रैलीसेंट जॉन्स स्कूलसेक्टर 26 से 14 अप्रैल को सुबह6.30 बजे रवाना होगी। मुझे याद है जब पहली सजोबा मोटरसाइकिल रैली आयोजित की गई थी और मुझे और मेरी टीम को अब यह देख कर संतुष्टि महसूस होती है कि शौकिया लोगों को भी मोटर स्पोर्ट्स का प्रोफेशनल एक्सपोजर मिल पा रहा है।

चेलेंज रैली’ के अलावासजोबा एक एंड्योरेंस ट्राइल’ का भी आयोजन कर रहा है। इस वर्ष की रैली के लिए कुल पुरस्कार राशि रु. 6.75लाख हैजिसके अलावा ट्राफियां भी दी जाएंगी।

दि चेलेंज रैली (एक्सट्रीम) जीप/ कार/ बाइक के लिए होगी और प्रतिभागियों को दोनों दिन लगभग 250 किलोमीटर दूरी प्रतिदिन कवर करनी होगी। यह रूट काफी चुनौतीपूर्ण और साहसिक होगाजिसमें एक्सेल ब्रेकिंग’ रिवरबेड होंगे (सूखे और गीले दोनों)घुमावदार हेयर पिन्स के साथ फास्ट टारमैक होंगे तथा हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्ते होंगे। प्रतियोगिता वाले भागों के बीच बराबर दूरियां होंगी और इसके पीछे ट्रांसपोर्ट सेक्शन रहेगा। 

प्रतिभागियों को प्रतिदिन 5 प्रतियोगी भागों का सामना करना होगाजिसमें ड्राइवरों की एकाग्रताशारीरिक शक्ति और ड्राइविंग स्किल को चुनाती मिलेगी। यह ईवेंट अपने आप में अद्वितीय हैक्योंकि इसमें ट्राइसिटी के लोगों को साहसिक खेलों का आनंद लेने का मौका मिल रहा है। यह उत्तर भारत में अपनी तरह की सबसे पुरानी रैली है,’ सजोबा के अध्यक्षसंदीप साहनी ने कहा।

एंड्योरेंस ट्रायल (टीएसडी) में प्रतिभागी अपनी अनमॉडिफाइड कारों में मुकाबला कर सकेंगेजो कि एमेच्योर ड्राइवरों के लिए एक शानदार अवसर होगा। यह उनके लिए भी अच्छा रहेगा जो पहली बार किसी रैली की फील लेना चाहते हैं। एंड्योरेंस ट्राइल के लिए रूट रैली जैसा ही होगाहालांकि ट्राइल एक टीएसडी फॉर्मेट में होगा।

सजोबा सबसे ज्यादा प्रोफेशनल रैलियों में से एक है और सजोबा सब-हिमालयन रैली प्रोफेशनल्स तथा पूरे देश के उभरते रैलिइस्ट्स को आकर्षित करती हैजो पेशेवर सर्किट लेना चाहते हैं। रैली उत्तर भारत में मोटर स्पोर्ट्स के लिए एक नर्सरी बन गयी है और इस क्षेत्र के कई रैलिइस्ट्स इसमें अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं। हरि सिंहबिट्टू मानमाणिक रेखीसम्राट यादवसुरेश राणा और सनी सिद्धू ऐसे ही कुछ नाम हैं।

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक भागीदार को शानदार बोर्डिंग और लॉजिंग सुविधा प्रदान की जाती है।

रैली में सुरक्षा का पहलू हमेशा से सजोबा की प्राथमिकता रहा है। इसलिएप्रत्येक प्रतियोगी चरण में एफआईवी (फस्र्ट इंटरवेंशन वेहिकल) और एम्बुलेंस रहेगीजिसमें सजोबा मार्शल और मेडिकल सुविधा उपलब्ध रहेगी। हर रूट पर प्रत्येक मार्शल के पास भी फस्र्ट एड किट रहती है।

रैली को हरियाणाहिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के प्रशासन का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। इसलिए यह सुनिश्चित करने की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है कि प्रतियोगिता वाली स्टेज में सामने से कोई ट्रेफिक न आये। सजोबा में रेडियो ऑपरेटरों के साथ बेहतर वाइरलेस संचार नेटवर्क की व्यवस्था रहती हैताकि प्रतिभागियों को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।

रैली के अलावासजोबा हर साल सजोबा विंटर बॉलरक्तदान शिविर आदि का भी आयोजन करता है।

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